Saturday, 23 July 2022

तुमसे लगी है कैसी लगन जानते हो तुम

221 2121 1221 212 
तुमसे   लगी है    कैसी   लगन     जानते हो तुम
करने   लगे हैं      शेरो सुख़न     जानते   हो तुम/1/

वादे   जो    बेहिसाब     किये  थे    हमारे  साथ 
क्या  अहमियत  हैं  रखते  वचन  जानते हो तुम/2/

ठाना है   तेरे   ख्वाब    न     देखेंगे  अब  कभी 
पर  चाहता है  क्या  भला  मन    जानते हो तुम/3/

रद्दोबदल  जो   कर   रहे  हो      अपने  आप में
कुछ  तौरे  जिंदगी  का  चलन     जानते हो तुम/4/

कितनी ही    साफ़गोई   से   लिखता है  झूठ तू 
हँसते है  याद  कर    तेरा फ़न    जानते हो तुम/5/

मजबूरियाँ    तो    जागती   रहती हैं    रात भर
नींदें     निगल  गई है     नयन    जानते हो तुम/6/

दिल से  जिगर में  जाने का रस्ता खुला भी रख
शिकवों को करना दिल में दफन जानते हो तुम/7/

मत  पूछिये     हवाएँ   क्यूँ     मेरे   खिलाफ़ है
ख़ामोशियों  से    होती   घुटन    जानते हो तुम/8/

बदलाव   का   है   दौर   जिधर  देखिये  हुजूर
हर  आदमी है  खुद में   मगन  जानते  हो तुम/9/

कस्तूरी   रख  के    पेट  में     बेचैन  है   बहुत
दर दर   उसे  है   ढूंढे   हिरन   जानते  हो तुम/10/

आया था जो बदलने को सिस्टम  यहाँ पे कल
उसका  बदल  गया है  विज़न  जानते  हो तुम/11/

क्या  जिंदगी  के  बारे में कुछ भी करें  बखान
हर पल  बदलती  रहती चलन जानते  हो तुम/12/

No comments:

Post a Comment