212 212 212 212
छोड़ अब जिंदगी आजमाना यहाँ
चाहते हम भी हैं मुस्कुराना यहाँ/1/
दो कदम साथ चल ही न पाया कोई
क्या जरूरी था रिश्ते बनाना यहाँ/2/
पारसाई गये छोड़ कर शह्र अब
गैर वाजिब है अब सर खपाना यहाँ/3/
राएगाँ तेरी की चाकरी जिंदगी
आंसूओं का मिला मेहनताना यहाँ/4/
मुश्किलों में घिरी आज इंसानियत
मस्त है मस्तियों में जमाना यहाँ/5/
चंद लम्हें सुकूं के मयस्सर नही
बैर तकदीर से है पुराना यहाँ/6/
मर्द बिकने पे दूल्हे बनाए गये
बिक तवायफ बनी है जनाना यहाँ/7/
जिंदगी में यूँ मातम है पसरा हुआ
हर खुशी लगती झूठा बहाना यहाँ/8/
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