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मुहब्बत थी रवायत सा नही था
कठीन हालात थे झगड़ा नही था/1/
जुड़े थे लोग आपस में जिगर से
रही तकलीफ़ मन मैला नही था/2/
हमें भी शौक था मसरूफ़ियत का
हमारे पास बस खर्चा नही था/3/
बहुत थी भीड़ यूँ तो हर तरफ ही
कहीं कोई मगर जिंदा नही था/4/
न था चाहे कोई तैयार फिर भी
हुआ जो हादसा सहसा नही था/5/
सिखा दी वक़्त ने सब दुनियादारी
वो बच्चा था मगर बच्चा नही था/6/
सयाना पन नही आया हमें बस
हमारा बचपना अच्छा नही था/7/
बदलते ही समय वो भी मिले हैं
जिन्हें पहले कभी देखा नही था/8/
ग़ज़ल पूरी भला कैसे मैं करता
जहन में आखिरी मिसरा नही था/9/
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