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हर दिन नये बवाल से आगे न बढ़ सका
चुभते से कुछ सवाल से आगे न बढ़ सका/1/
जद्दोजहद में गुजरी है यूँ जिंदगी मगर
दिल रंजो गम मलाल से आगे न बढ़ सका/2/
तन्हाईयों का खौफ़ सताता रहा सदा
कुछ फिक्र कुछ खयाल से आगे न बढ़ सका/3/
रस्मन उन्होंने पूछ लिया हाल चाल फिर
दिल उनके इस सवाल से आगे न बढ़ सका/4/
उनको भी हमसे इश्क हुआ या नही जरा
दिल बस इसी खयाल से आगे न बढ़ सका/5/
छोड़ा झिझक न मैंने भी वो भी न खुल सके
रिश्ता बस हाल चाल से आगे न बढ़ सका/6/
कोशिश बहुत की उसने तो पास आने की मगर
मैं ही किसी भी हाल से आगे न बढ़ सका/7/
मसला भी हल किया गया सिक्का उछाल पर
तकदीर इस कमाल से आगे न बढ़ सका/8/
कल तितलियों को देख मेरा मन मचल गया
बचपन मेरा ज़िहाल से आगे न बढ़ सका/9/
औकात मेरी रोज़ दिखाती है जिंदगी
मैं गम के देख भाल से आगे न बढ़ सका/10/
खुशियाँ दिखीं करीब तो आंसू छलक पड़े
और मैं चमकते गाल से आगे न बढ़ सका/11/
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