2122 1212 22
थोड़ा दिल को संभाल लूँ पहले
खुद के भीतर खंगाल लूँ पहले/1/
फिर मैं औरों के ऐब ढूँढुंगा
अपनी कमियाँ निकाल लूँ पहले/2/
जीस्त अहसास में पिरोने को
खूबसूरत खयाल लूँ पहले/3/
वक़्त सबका ही जब मुअय्यन है
क्यूँ मैं सर पे बवाल लूँ पहले/4/
जिंदगी दांव पर लगानी है
एक सिक्का उछाल लूँ पहले/5/
रोज़ दम तोड़ती उम्मीदें नयी
और कितने मलाल लूँ पहले/6/
फिर मरम्मत करेंगे ख्वाबों की
थोड़े आंसू उबाल लूँ पहले/7/
जीस्त तू भी सफाई दे अपनी
तेरे भी कुछ सवाल लूँ पहले/8/
जिस तरह जिंदगी की चाहत है
वैसे ही खुद को ढाल लूँ पहले/9/
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