1212 1122 1212 22
हर एक शख्स से पूछा खुशी के बारे में
बता न पाया कोई अजनबी के बारे में/1/
कहा सभी ने जरा आगे बस जरा आगे
खबर किसी को न थी जिंदगी के बारे में/2/
लगा हुआ है व्यवस्था में कल की परसों की
जिसे पता ही नही आज अभी के बारे में/3/
बिका है रोज़ पिता कतरा कतरा घर के लिए
भनक न लगने दिया पर कमी के बारे में/4/
घड़ी घड़ी नया चेहरा बदल के फिरता है
कहें तो क्या कहें कमबख्त जी के बारे मे/5/
किया है सबने ही धुन सुन के वाह वाह मगर
किसी ने पूछा नही बांसुरी के बारे में/6/
असल के राह भटकने की वज्ह से साहिब
है आजकल बड़ा चर्चा डमी के बारे में/7/
ये नेट जाल मोबाइल की नस्ल क्या जाने
सहजता सादगी के बंदगी के बारे में/8/
बिखेर देती है खुश्बू गुजारे लम्हों की
कहूँ मैं क्या भला अब गैलरी के बारे में/9/
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