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सरल सरस है सहज है भाषा हमारी हिन्दी
समेटे अहसास बेतहाशा है प्यारी हिन्दी/1/
है एक उपवन की भांति मेरा ये देश भारत
महक रही है यूँ बन के खुश्बू दुलारी हिन्दी/2/
कदम कदम पर बदल रही थोड़ी वेशभूषा
तमाम भाषाओं की है जननी हमारी हिन्दी/3/
हुई प्रताड़ित स्वयं के घर में ही खूब हर दिन
कपूत अपने ही हैं करे क्या दुखारी हिन्दी/4/
विदेशी भाषा दिलाती सम्मान कार बंगला
न दे सकी ठीक से दिहाड़ी बिचारी हिन्दी/5/
सिमट गयी कागजों में बस बन के राजभाषा
कवियों की लेखकों की ताकत करारी हिन्दी/6/
हिमायती इसका पिछड़ा कहलाया है हमेशा
बनी है कितनों की आसमाँ तक सवारी हिन्दी/7/
दिली खरासों के द्वेष नफरत के दौर में भी
दिलो को है जोड़ने की भाषा नियारी हिन्दी/8/
है खूब जद्दोजहद हैं दुश्वारियांँ परस्पर
कहानियों की है गुदगुदाती पिटारी हिन्दी/9/
किसी नजरिये से कम नही आंकिये इसे अब
न जाने अब तक है कितनी किस्मत संवारी हिन्दी/10/
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