Wednesday, 12 April 2023

सरल सरस है सहज है भाषा हमारी हिन्दी

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सरल  सरस  है    सहज  है   भाषा   हमारी  हिन्दी
समेटे    अहसास     बेतहाशा      है    प्यारी हिन्दी/1/

है  एक   उपवन   की भांति   मेरा   ये   देश भारत
महक  रही  है    यूँ   बन के   खुश्बू   दुलारी हिन्दी/2/

कदम  कदम   पर   बदल   रही   थोड़ी   वेशभूषा 
तमाम   भाषाओं   की   है   जननी    हमारी हिन्दी/3/

हुई   प्रताड़ित   स्वयं के   घर  में  ही खूब हर दिन
कपूत   अपने   ही   हैं   करे   क्या   दुखारी हिन्दी/4/

विदेशी  भाषा    दिलाती    सम्मान    कार  बंगला
न   दे   सकी   ठीक से   दिहाड़ी   बिचारी   हिन्दी/5/

सिमट  गयी   कागजों  में   बस  बन के राजभाषा
कवियों  की   लेखकों  की   ताकत   करारी हिन्दी/6/

हिमायती   इसका   पिछड़ा   कहलाया   है हमेशा 
बनी है  कितनों  की    आसमाँ  तक सवारी हिन्दी/7/

दिली  खरासों  के    द्वेष  नफरत  के   दौर  में भी
दिलो   को    है   जोड़ने  की  भाषा नियारी हिन्दी/8/

है   खूब    जद्दोजहद      हैं     दुश्वारियांँ   परस्पर 
कहानियों  की    है   गुदगुदाती       पिटारी हिन्दी/9/

किसी  नजरिये से   कम नही   आंकिये  इसे अब
न जाने अब तक है कितनी किस्मत संवारी हिन्दी/10/

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