2122 1122 1122 22
अपनी मर्ज़ी से भला कौन भटकता है यहाँ
वक़्त के हाथ हर इक शख्स खिलौना है यहाँ/1/
कल जो हालात थे हैं आज भी हालात वही
बस कलैंडर के सिवा कुछ नही बदला है यहाँ/2/
हमसे मत पूछिये इस जिंदगी के बारे में
अजनबी सा ये मिला हमसे हमेशा है यहाँ/3/
उम्र भर चांद से इक शख्स की बातें की हैं
किस कदर देखिए वो चांद भी तन्हा है यहाँ/4/
बे सबब रोज़ मुलाकात जरूरी थी क्या
फासले दरमियाँ जितने रखो अच्छा है यहाँ/5/
रह गयी जिंदगी इक मिसरे पे ताउम्र उलझ
आदमी काश अगर में ही तो अटका है यहाँ/6/
सुन के अब जिक्र तेरा बात बदल देते हैं
लोग हैरत में है ये देख के चर्चा है यहाँ/7/
अपनी रफ्तार पे इतरा न जियादा इतना
जिंदगी सांस के दम पर तेरा रूतबा है यहाँ/8/
कोई चिथड़ों से ढके जाता है इज्जत अपनी
होने मशहूर कोई हो गया नंगा है यहाँ/9/
कद्र किरदार की होती है हमेशा वरना
कद में इंसान से साया बड़ा देखा है यहाँ/10/
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