2122 2122 2122 212
ख्वाहिशें उम्मीद हसरत आरज़ू भरमार है
एक पल में प्यार है तो एक पल तकरार है/1/
गुनगुना कर देख लो इक बार फुर्सत से कभी
जिंदगी बेहद सुरीली सुमधुर झंकार है/2/
कशमकश जद्दोजहद से पार चल कर देखिये
जिंदगी उपहार लेकर हर घड़ी तैयार है/3/
आसमाँ से चांद तारों से उतर कर देखिये
मसअले कुछ तो जमीं पर भी नये तैयार हैं/4/
बोझ जिम्मेदारियों को मत समझिएगा कभी
रब करे जिसपे भरोसा बस वही हकदार है/5/
चल रहा था ठीक ही फिल्हाल सब कुछ जीस्त में
आ गया फिर सुब्ह का देखो नया अखबार है/6/
भूख से उकता के कल जो शहर भागा था मियां
आज फिर दौड़ा वो गांवों की तरफ लाचार है/7/
बेबसी चिंताएं जिम्मेदारियाँ लाचारगी
आदमी को तीन आभूषण मिले उपहार है /8/
ग़ज़्ल सारी ढह गयी बस एक मतला रह गया
पूर्जे़ पूर्जे़ हो गये अब सारे ही अशआर हैं /9/
अब हुनर चाहे न रखती हो कलमकारी मगर
आज मिलती हर कलमकारी के घर में कार है/10/
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