1212 1122 1212 22
बहुत खराब है किस्मत कहूँ तो किससे कहूँ
उदास उदास मुहब्बत कहूँ तो किससे कहूँ/1/
सितारों चांद को तितली पतंगों जुगनू को
खिलौना समझे है गुरबत कहूँ तो किससे कहूँ/2/
वो एक शब्द नही है वो पूरी भाषा है
मुझे है माँ की जरूरत कहूँ तो किससे कहूँ/3/
फटी जो चादरें आँचल उढ़ा दिया उसने
गरीब माँ की इनायत कहूँ तो किससे कहूँ/4/
इन आंसूओ को तो रोना तलक नही आता
दुखों पे और इक आफत कहूँ तो किससे कहूँ/5/
मिलो कभी भी तो रूतबे दिखाने लगते हैं
रईस यारों की आदत कहूँ तो किससे कहूँ/6/
है अपने आप में ही व्यस्त आजकल दुनिया
है मेलजोल रवायत कहूँ तो किससे कहूँ/7/
कफ़न तो सबका ही जबकि सफेद है यारों
दिलों में क्यूँ है ये नफरत कहूँ तो किससे कहूँ/8/
मिले हैं चोर उचक्के ही बस ये खादी में
बहुत है ओछी सियासत कहूँ तो किससे कहूँ/9/
मजाक मस्ती हँसी सब मुखौटे हैं साहब
लगी है गम की मुझे लत कहूँ तो किससे कहूँ/10/
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