2122 1122 1122 22
दिल को उम्मीद थी कल आज से बेहतर होगा
पर न मालूम था इतना बुरा मंजर होगा/1/
अब मेरे नाम से कतराने लगीं हैं खुशियाँ
इससे बद और भला किसका मुकद्दर होगा/2/
हमने देखें हैं तेरे नाज़ अदा नखरे तेरे
जिंदगी तुझपे फिदा अब न कलंदर होगा/3/
कुछ तो हालात बुरे हैं ये खबर थी हमको
पर न मालूम था हर हाथ में पत्थर होगा/4/
सारे इल्ज़ाम अपने सर पे रख लिया हमने
अब न तोहमत कोई तकदीर के सर पर होगा/5/
साल के आखिरी लम्हें में किया फोन उसने
उम्र भर याद हमें अब ये दिसंबर होगा/6/
कोई देता है अगर दिल से मुहब्बत से अगर
कागजी फूल भी महकेगा मुअत्तर होगा/7/
फिक्र को फक्र हो कुछ ऐसा करो जीवन में
इससे बढ़िया भला क्या कोई भी जौहर होगा/8/
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