2122 1212 22
फ़ासला ये जो दरमियानी है
कल जो गुज़री है वो कहानी है
जिंदगी ख़्वाब या हक़ीक़त है
जो भी है रस्म तो निभानी है
कल मुलाक़ात हो गई उनसे
जिनसे पहचान कुछ पुरानी है
आ गयी सामने फिर आंखो के
याद बिसरी बहुत सुहानी है
दर्द ही उम्र भर निभाएगा
हर खुशी अब हुई बेगानी है
फिर बिछड़ जाएंगे यकीनन वो
जिनसे चाहत बड़ी पुरानी है
हम अकेले नही बीमार उनके
सारी दुनिया लगे दीवानी है
पहले किस्तों में मौत आयी है
खुदकुशी बाद की कहानी है
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