आंसूओ के हिसाब कौन रखता है
हाथ सुखे " गुलाब" कौन रखता हैं
होंगी मजबूरियाँ कोई यकीनन ही
वरना सर पे अजाब कौन रखता है
अब न फबती उदासियां है चेहरे पर
हर घड़ी यूँ नकाब कौन रखता है
ढुंढ ही लेती हैं ये मुश्किले हमको
चाह करके जनाब कौन रखता है
अपनी ख्वाहिश है धूप बस ये मुट्ठी भर
अपने घर आफताब कौन रखता है
बरसी है बेहिसाब ही तसल्ली अब
इतने झुठे हुबाब कौन रखता है
शिकवे बेचैनियां ये आरजू उम्मीद
साथ इतने सराब कौन रखता है
मुस्कुराहट सुकून चैन के किस्से
दर्द के इतने ख्वाब कौन रखता है
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