1212 1122 1212 22
घरों ही घर मिले दीवार देखने के लिए
कि रह गये यही संस्कार देखने के लिए/1/
बस एक धोखा ही खालिस खरा मिले है यहाँ
मिलावटी है सभी प्यार देखने के लिए /2/
सुखनवरो के दिलों को खंगाला जब हमने
कुछ अधजले मिले अशआर देखने के लिए/3/
बला का दर्द उढ़ेला है गज्ल गोई में
कि कौन कितना है गमख्वार देखने के लिए/4/
कभी जो जिंदगी की धूप ने सताया मुझे
निकल पड़ा मैं भी खुद्दार देखने के लिए/5/
जमात जात है पर आदमी नदारद है
कहाँ को जाएं ये दिलदार देखने के लिए/6/
बड़ा अजीब है किस्सा मेरी तबाही का
न आए दोस्त भी बीमार देखने के लिए/7/
तलाश करती हैं उम्मीद अपने ही टूकड़े
ठिठक ठिठक के ही हर बार देखने के लिए/8/
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