Tuesday, 15 September 2020

क्या है अच्छा बुरा क्या है मन के लिए

212 212 212 212 
क्या है अच्छा बुरा क्या है मन के लिए
है  कहाँ  वक्त  इतना  चयन  के   लिए

उम्र  गुजरी  है   जद्दोजहद  में  ही  बस
आदमी  जी  रहा  है  तो  धन  के  लिए

मौत का खौफ़ भी क्या अजब खौफ़ है
बस  हवा  ही  बहुत  है शिकन के लिए

कल जो कहते थे फुर्सत नही मरने की
जीने  खातिर  हैं  बैठे  भजन  के  लिए

काफियो  में  ही   उलझे  रहे   उम्र भर
कुछ  सलीका  न आया सुखन के लिए

क्या जरूरत है  नश्तर चुभाने की  अब
तल्ख  लहजा  बहुत  है  चुभन के लिए

इन दिनों  कह  रहे हैं  वो  अच्छा  बहुत
कह  रहे हैं   मगर  बस  कहन  के लिए

फर्क  कथनी  में  करनी  में  उनके मिले
कब  कहा  है   उन्होंने   मनन  के  लिए

दब   गयी   फाईलों   में    सभी   राहतें  
रह  गये   आंकड़े   आमजन   के  लिए

लाख दिल में शिकायत रखो  तुम मगर
कुछ  मुहब्बत  भी  तो हो वतन के लिए

मुल्क   की  आन  में  गर  जरूरत  पड़े
खूं  है  हाजिर  मेरा   आचमन  के लिए

बैठकर  एसी  कमरों  में लिखते  गजल
अब सुखनवर मिले बस सुखन के लिए

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