2122 1212 22
चांद पर तब्सिरा नही आता
हां मुझे कुछ जरा नही आता
दिल ये कमबख्त मिल गया तुझसे
रास अब दुसरा नही आता
कुछ यकीनन कमी है मुझमें जो
लौट कर फिर गया नही आता
उम्र से पहले उम्र देखी है
आप कहते हो क्या नही आता
वक्त गुजरा है उसको गुजरे हुए
अब हमे बचपना नही आता
लोग अदबी की बात करते हैं
पर सलीका जरा नही आता
शोर करती है खामुशी भी बहुत
क्या है गर बोलना नही आता
प्यार तुझपे तो खूब आता है
बस मुझे चोचला नही आता
क्या बिछड़ना जरूरी था तेरा
क्या तुझे रूठना नही आता
दिल से निस्बत है हर नजरिया मेरा
हाँ मुझे सोचना नही आता
हर कदम पर ही चोट खाएं हैं
पर कोई भी नशा नही आता
अब तो आते हैं फैसले सीधे
अब कोई मशवरा नही आता
चाहता था कि हादसा हो कोई
तुझसे मिल कर नया नही आता
No comments:
Post a Comment