Tuesday, 15 September 2020

चांद पर तब्सिरा नही आता

2122 1212 22 
चांद   पर    तब्सिरा    नही    आता
हां  मुझे   कुछ   जरा   नही    आता

दिल  ये  कमबख्त  मिल गया तुझसे
रास    अब     दुसरा    नही    आता 

कुछ  यकीनन  कमी  है  मुझमें   जो 
लौट  कर   फिर   गया   नही  आता

उम्र    से    पहले    उम्र    देखी    है
आप  कहते  हो   क्या   नही  आता

वक्त   गुजरा  है  उसको  गुजरे  हुए 
अब    हमे    बचपना   नही   आता

लोग   अदबी   की    बात   करते हैं
पर   सलीका    जरा    नही   आता

शोर  करती  है  खामुशी  भी   बहुत
क्या  है   गर   बोलना   नही  आता

प्यार   तुझपे    तो   खूब   आता  है 
बस   मुझे    चोचला   नही    आता

क्या   बिछड़ना   जरूरी   था   तेरा
क्या   तुझे    रूठना    नही   आता

दिल से निस्बत है हर नजरिया मेरा
हाँ    मुझे    सोचना    नही   आता

हर  कदम   पर  ही   चोट  खाएं हैं
पर   कोई  भी   नशा   नही  आता

अब  तो   आते  हैं   फैसले   सीधे 
अब  कोई   मशवरा   नही   आता

चाहता  था  कि   हादसा  हो  कोई
तुझसे  मिल कर  नया  नही  आता

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