2122 1212 22
कट गई यूँ ही जिन्दगी अपनी
बस नजर आयी बेबसी अपनी
हम तरसते रहे हंसी के लिए
मुँह छुपाये रही खुशी अपनी
जिनसे उम्मीद थी वफाओ की
उसने की खूब दुश्मनी अपनी
वो फरेबो का कारबारी है
मात खाती है सादगी अपनी
वो तो उल्फत को खेल कहते है
हम जिसे समझे बंदगी अपनी
हाल दिल के बयां है चेहरे से
हमको मालूम है कमी अपनी
इक हंसी को था जिंदगी माना
सौप दी उसको ही हंसी अपनी
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