221 2122 221 2122
शादी के बाद पहला ही आगमन हुआ था
बिटिया को अपना पीहर लगने लगा नया था/1/
पैबंद साड़ियों की अम्मा छिपा रही थी
खुशियाँ बनावटी थी चेहरा बता रहा था/2/
नजरें चुरा के पापा जो मुस्कुरा रहे थे
सर पर अभी भी उनके कर्जा चढ़ा हुआ था/3/
जेवर बिके थे माँ के मेरे दहेज खातिर
घर जो बिका पिता का तो मेरा घर बसा था/4/
बहना लिपट के रोई भाई लिपट के रोया
हर एक अश्क उनका सौ दर्द कह रहा था/5/
पल्लू से माँ के अपने मुंह को छिपाके बिटिया
खुद को बहुत संभाला है टूटना मना था/6/
कल तक जो घर था मेरा सहसा हुआ पराया
मेहमान हूँ वहां अब बचपन जहाँ पला था /7/
दस्तूर है निभाया दस्तार रह्न रखकर
टूटा वो बाप भी जो पत्थर जिगर बड़ा था /8/
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