Monday, 7 February 2022

शादी के बाद पहला ही आगमन हुआ था

221 2122 221 2122
शादी  के बाद  पहला   ही  आगमन   हुआ था
बिटिया को  अपना  पीहर लगने लगा  नया था/1/

पैबंद   साड़ियों   की   अम्मा    छिपा   रही थी
खुशियाँ  बनावटी   थी  चेहरा    बता   रहा था/2/

नजरें  चुरा  के   पापा   जो    मुस्कुरा    रहे थे
सर पर  अभी भी  उनके  कर्जा  चढ़ा हुआ था/3/

जेवर   बिके  थे   माँ  के  मेरे   दहेज   खातिर
घर जो  बिका  पिता का  तो मेरा  घर बसा था/4/

बहना  लिपट के  रोई   भाई  लिपट  के  रोया
हर एक  अश्क  उनका  सौ  दर्द  कह रहा था/5/

पल्लू से माँ के अपने मुंह को छिपाके बिटिया
खुद  को  बहुत   संभाला  है  टूटना  मना था/6/

कल तक जो घर था मेरा सहसा हुआ पराया
मेहमान हूँ  वहां  अब  बचपन  जहाँ पला था /7/

दस्तूर  है   निभाया    दस्तार    रह्न   रखकर
टूटा  वो  बाप भी  जो पत्थर जिगर बड़ा था /8/

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