1121 2122 1121 2122
तू है हसरतों में शामिल कभी असलियत में आ जा
मेरे सांवरे कन्हैया मेरी तिश्नगी मिटा जा/1/
तुझे हर गली में ढूंढा तुझे दर ब दर तलाशा
थक हार कर मैं बैठा बस इक झलक दिखा जा/2/
तेरा नाम जप रहा हूँ सुब्ह शाम जप रहा हूँ
तेरी बंदगी सिवा क्या करूँ और तू बता जा/3/
कब से निहारूं रस्ता तेरा सांवरे कन्हैया
कब लेगा सुध हमारी कभी अश्क में समा जा/4/
मन ये तड़प रहा है. बेचैन हो रहा है
इक बार बस कन्हैया दिल की लगी मिटा जा/5/
किसी के लिए भी मन में न कोई विकार आए
हमें प्रेम की पहेली जो है अनबुझी सिखा जा/6/
करतार है तू जग का तू है जिंदगी का मालिक
करता है फिक्र इंसा बस बे सबब बता जा/7/
सब जानते हैं जबकि ये बदन है सिर्फ मिट्टी
बिन बात का हमें फिर जो घमंड है मिटा जा/8/
दिल जान तुझको अर्पित हर शान तुझको अर्पित
मेरी डोर अब हवाले तेरे श्याम जी निभा जा/9/
🙏🌹।।जय श्री श्याम ।।🌹🙏
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