Monday, 7 February 2022

तू है हसरतों में शामिल कभी असलियत में आ जा

1121 2122 1121 2122
तू है हसरतों में शामिल कभी असलियत में आ जा
मेरे   सांवरे   कन्हैया      मेरी    तिश्नगी   मिटा जा/1/

तुझे   हर  गली  में  ढूंढा   तुझे  दर ब दर  तलाशा
थक  हार कर  मैं  बैठा  बस इक झलक दिखा जा/2/

तेरा  नाम   जप  रहा  हूँ  सुब्ह  शाम  जप  रहा हूँ
तेरी  बंदगी  सिवा  क्या   करूँ  और  तू   बता जा/3/

कब  से   निहारूं   रस्ता     तेरा   सांवरे    कन्हैया
कब  लेगा  सुध  हमारी  कभी  अश्क में  समा जा/4/

मन   ये   तड़प   रहा   है.     बेचैन    हो     रहा है
इक  बार  बस  कन्हैया  दिल  की  लगी  मिटा जा/5/

किसी  के  लिए  भी  मन  में  न कोई विकार आए
हमें  प्रेम  की  पहेली  जो  है  अनबुझी  सिखा जा/6/

करतार  है  तू  जग  का  तू  है जिंदगी का मालिक
करता  है   फिक्र   इंसा    बस  बे सबब  बता  जा/7/

सब  जानते  हैं   जबकि  ये  बदन  है  सिर्फ  मिट्टी
बिन  बात  का  हमें  फिर  जो  घमंड  है  मिटा जा/8/

दिल जान तुझको अर्पित  हर शान तुझको अर्पित
मेरी  डोर  अब  हवाले  तेरे   श्याम  जी  निभा जा/9/

         🙏🌹।।जय श्री श्याम ।।🌹🙏

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