2122 1212 22
रात दिन ही कचोटे मन पापा
कर न पाए तेरा जतन पापा/1/
कुछ समय और साथ रह लेते
पास होता अगर जो धन पापा/2/
आंखें भर आयीं याद आते ही
लग रहा है अधूरा पन पापा/3/
जिम्मेदारी निभाई तुमने सब
ना हुए हमसे तुम वहन पापा/4/
धूप भी छांव भी बुरा अच्छा
बच्चों खातिर किये सहन पापा/5/
खुद को भूले हमारी खातिर तुम
हम रहे खुद में ही मगन पापा/6/
एक अफसोस रह गया मन में
सोच ते बह रहे नयन पापा/7/
आपकी वरदहस्ती में गम का
कर न पाए हम आंकलन पापा/8/
पास रहते न अहमियत समझे
अब बिछड़ कर करें रुदन पापा/9/
हँसते दिखना भी इक रवायत है
आजकल का है ये चलन पापा/10/
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