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संशय की बात है न कोई डर की बात है
लहज़ा बदलना आपके नेचर की बात है/1/
मौसम की तरह अब तो बदलते मिज़ाज हैं
मिलना किसी का शाद मुकद्दर की बात है/2/
देखा नही कभी भी बस उस शख्स को उदास
अद्भुत अजब अचंभा कलंदर की बात है/3/
मुट्ठी बंधी थी आया खुले हाथ है गया
जग जीतने के बाद सिकंदर की बात है/4/
मंजिल को क्या खबर है सफर के थकान की
चर्चा न आबलो की न नश्तर की बात है/5/
समझे जो मन की पीड़ा व्यथा वो है आदमी
बाकी तो सिर्फ भीड़ है लश्कर की बात है/6/
जिसका विचार मर गया मुर्दा है आदमी
जिंदा विचार भी तो मगर डर की बात है/7/
चरबा रहा है शौक से चारा कसाई का
बकरा है बेखबर कि यहाँ सर की बात है/8/
आकर नहाये और नहा कर चले गये
ये फलसफा है जीस्त का अवसर की बात है/9/
लहज़ा मिज़ाज नाज़ नज़रिया बदल गया
बदले समय के साथ ये अक्सर की बात है/10/
बच्चों की भूख अम्मा की पाजेब खा गयी
क्या क्या शिकम न खा गयी तेवर की बात है/11/
कब तक इन्हें पिलाएंगे पत्थर उबाल कर
झूठी तसल्लियाँ भी तो महशर की बात है/12/
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