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तेरे आशना से जब भी मुलाकात होती है
तेरा ही जिक्र तेरी ही बस बात होती है/1/
दिल जो सिसक उठे है सम्हलता नही है फिर
जब गैर की जुबां से बयानात होती है/2/
दिन तो गुजर ही जाता है आंसू बहा बहा
मुश्किल बड़ी हो जाती है जब रात होती है/3/
पुर्जे मिले हैं अपने ही खत के जवाब में
शायद ये इश्क की कोई सौगात होती है/4/
देखा तुझे तो बन गए सब यार भी रकीब
ये हुश्न के कमाल की बस बात होती है/5/
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