Monday, 7 February 2022

तेरे आशना से जब भी मुलाकात होती है

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तेरे  आशना  से  जब  भी  मुलाकात होती है
तेरा  ही  जिक्र   तेरी  ही   बस  बात  होती है/1/

दिल जो सिसक उठे है सम्हलता नही है फिर 
जब  गैर  की    जुबां  से    बयानात  होती है/2/

दिन  तो  गुजर  ही  जाता  है आंसू बहा बहा
मुश्किल  बड़ी हो  जाती है  जब रात होती है/3/

पुर्जे  मिले  हैं  अपने  ही  खत  के  जवाब में
शायद  ये  इश्क   की  कोई  सौगात  होती है/4/

देखा  तुझे  तो  बन  गए  सब यार भी रकीब 
ये  हुश्न  के  कमाल  की   बस  बात  होती है/5/

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