221 2122 221 2122
बेचैन दिख रहा है सबको हँसाने वाला
खामोश है बहुत क्यूँ लोरी सुनाने वाला/1/
बढ़ने लगी जरूरत और जेब छोटे होते
उलझा है कशमकश में घर को चलाने वाला/2/
अब टालें कैसे ख्वाहिश और कौन सी जरुरत
है इस उधेड़बुन में बाजार जाने वाला/3/
बूढ़ा दरख्त आंगन में है खड़ा अभी तक
यादें बची है उसकी गायब है लाने वाला/4/
बांधा था एक झूला शाखों में कल शज़र के
कितना सुखद था लम्हा मन गुदगुदाने वाला/5/
इस शहर में थी अपनी भी कुछ अजीज यारी
रस्ता बदल गया अब उस ओर जाने वाला/6/
बनने लगे हैं रिश्ते भी नाप तौल कर अब
बस रस्म है न कोई इनको निभाने वाला/7/
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