2122 1212 22
अब कहाँ आन बान है प्यारे
जिस्म ढलती दुकान है प्यारे/1/
अब सफेदी सी आ गई सर पे
उम्र की ये ढलान है प्यारे /2/
एक खुशहाल घर था जो कल तक
अब फकत वो मकान है प्यारे/3/
हो के तस्कीन भाई भाई में
मां की आफत में जान है प्यारे/4/
घर खुदा का है जब ये सारा जहाँ
फिर क्यूँ दहशत में जान है प्यारे/5/
मौज मस्ती में दिन गुजार अपना
जब कि रब मेहरबान है प्यारे/6/
जिसको शीरी जबान कहते हैं
अनसुनी दास्तान है प्यारे/7/
दिल के भीतर गुबार है सबके
सामने सब महान है प्यारे/8/
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