1222 1222 122
कहाँ अब यार वाफ़र बैठते हैं
हैं सब मशरूफ कमतर बैठते हैं/1/
सभी की अपनी अपनी उलझनें है
उन्ही के साथ अक्सर बैठते हैं/2/
बड़ी चौपाल लगती थी यहाँ कल
पर अब कोई न बाहर बैठते हैं/3/
जहाँ पर मैं रहूँ और तुम रहो बस
किसी ऐसी जगह पर बैठते हैं/4/
बहुत शोरो शराबा है यहाँ पर
यहाँ से दूर चल कर बैठते हैं/5/
चलो आओ कभी फुर्सत मिले तो
मिले कुछ चैन पल भर बैठते हैं/6/
बड़ी जद्दोजहद है कशमकश है
चलो रंजिश भुला कर बैठते हैं/7/
वाफ़र - अत्यधिक
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