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कहां है आजकल अखबार जिंदा
जिधर देखो है बस बाजार जिंदा/1/
खबर मिलती नही अब देखने को
बिके हैं रोज इश्तेहार जिंदा/2/
जिधर देखो उधर नफरत खड़ी है
हो कैसे खत्म ये तकरार जिंदा/3/
नही है जाविंदा ये जिस्म लेकिन
कयामत तक मिले किरदार जिंदा/4/
परिंदा फड़फड़ा कर रह गया बस
कफस में है वो बस लाचार जिंदा/5/
कही जाती न दिल की बात दिल से
दिलों में रह गया है रार जिंदा/6/
शिकायत है बहुत सबको यहाँ पर
फकत अब रह गए हकदार जिंदा/7/
मुहब्बत के सफर में जाने कैसे
हुई शामिल खरासें यार जिंदा/8/
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