221 2121 1221 212
ऐसा नही कि अब मैं उसे चाहता नही
बस देखने की हद से कभी देखता नही/1/
अब भी खयाल ख्वाब में उसका ही दख्ल है
पर आस उसको पाने की मैं पालता नही/2/
फिर नोच के मसल के कली फेंक दी गई
ऐसा मगर ये आज नया तो हुआ नही/3/
ढांढस कोई बंधाओ कोई हौसला तो दो
दहशत में बेटियां हैं दरिंदा मरा नही/4/
उम्मीद का दिया भी फकत फड़फड़ा रहा
चारो तरफ हवा है मगर वो बुझा नही/5/
वो कत्ल कर रहे हैं निगाहों से बारहा
मुंसिफ सबूत ढूंढ रहा है मिला नही/6/
अब क्या बताएंँ हाल दिले बे करार का
जाहिर है सब ही आप से कुछ भी छिपा नही/7/
हसरत थी कल के उनसे मुलाकात हो कभी
अब हैं हमारे दिल में तो हमको पता नहीं/8/
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