2122 1122 1122 22
दर बदल जाते हैं दीवार बदल जाते हैं
देखते देखते घर बार बदल जाते हैं/1/
शख्सियत की न रही कोई यहाँ कीमत अब
हल्के औकात से बाजार बदल जाते हैं/2/
शह्र का शह्र फकत अजनबी सा दिखता है
देख हालात तरफदार बदल जाते हैं/3/
सच के सौदे मे न बरकत ही रही अब कोई
गर हो नुकसान तो व्यापार बदल जाते हैं/4/
घर के आंगन में है इक दोस्त शजर बुढ़ा सा
चैन मिलता वहीं जब यार बदल जाते हैं/5/
बाप से मिलने को भी लेनी इजाजत है पड़े
हो बिदा बेटी के हकदार बदल जाते हैं/6/
मेरी बस्ती में भी रहते हैं शनाशाई मेरे
देख मुश्किल घड़ी किरदार बदल जाते हैं/7/
माफ करना मेरे बच्चों को हे ईश्वर मेरे
जिम्मेदारी से सरोकार बदल जाते हैं/8/
ये अकीदा ये इबादत है किताबी बातें
गर न हो मन की तो दरबार बदल जाते हैं /9/
आजकल सुर्खियों की उम्र बहुत थोड़ी है
रात और दिन में ही अखबार बदल जाते हैं/10/
हो उजागर भला अब कैसे समस्या कोई
कार मिलते ही कलमकार बदल जाते हैं/11/
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