1222 1222 1222 1222
हमारे दरमियाँ अब व्यर्थ के किस्से नही होते
हुई है बंद जब से गुफ्तगू झगड़े नही होते/1/
सफर में साथ रख लो याद कुछ अच्छे दिनों की भी
समय के पास मोहलत के कोई लम्हें नही होते/2/
जिसे अपना कहा हमने कभी अपना नही होता
बुरे निकले सदा हम ही कभी अच्छे नही होते/3/
मुसीबत के समय हिम्मत बने दे हौसला सबको
कहीं सय्यास भी अब मोतबर इतने नही होते/4/
लगा कर आग बस्ती में हवन करनी सियासत है
बिना उन्माद तो इनके सफल धंधे नही होते/5/
भरा हो पेट तब ही सूझती है क्रांति की बातें
तड़पते भूखे लोगों में कभी दंगे नही होते/6/
बने जो कागजों पर घर बने होते हकीकत गर
हजारों सर अभी फुटपाथ पर सोते नही होते/7/
कहीं कपड़े कहीं गहने कहीं पे कार आती है
दवाई माँ की लाने को मगर पैसे नही होते/8/
सबक हर मोड़ पर ही जिंदगी देती है अच्छे से
किसी के तौर लेकिन कुछ समझने के नही होते/9/
स्वयं की कर खुदाई चाहता है गर मिले ईश्वर
जियारत से इबादत से खुदा अपने नही होते/10/
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