2212 1212 2212 1212
फुर्सत मिले तो श्याम जी निर्धन के घर भी आईये
अर्पित करें हैं भाव हम हमको हृदय लगाईये/1/
कुछ भी न भाव के सिवा अब क्या चढ़ाएं आपको
स्वीकार कीजिए प्रभू अहसास मान जाईये/2/
सब कुछ बनाया आपने सब कुछ दिया है आपने
कैसे मैं आपका ही दूँ अब आपको बताईये/3/
मेरा है कुछ यहाँ अगर बस मुश्किलें हैं दर्द है
चरणों में आपके समर्पित हम हैं श्याम आईये/4/
छोटी है झोपड़ी मगर मन में है सेवा भावना
हमको कृतार्थ कीजिए इक बार तो पधारिये/5/
अश्कों के पुष्प आपको भरपूर मैं चढ़ाऊँगा
बाबा कभी तो भक्त के घर पर भी दिन बिताईये/6/
होने न देंगे आपको मायूस एक पल को भी
भजनों से हम रिझाएंगे दिन रात श्याम आईये/7/
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