2122 2122 212
हर तरफ़ बस रंजो गम है पीर है
हो गयी कैसी अजब तस्वीर है/1/
कशमकश जद्दोजहद है कू ब कू
इस कदर हालात अब गंभीर है/2/
उलझनों की भीड़ में है लापता
हर खुशी अपनी यही तकदीर है/3/
ताक पर है हर तमन्ना आजकल
ख्वाहिशों के पांव में जंजीर है/4/
ख्वाब में भी ख्वाब सा कुछ भी नही
बस छलावा है बरसता नीर है/5/
जूते पापा के पहन आया समझ
जिंदगी इक नकचढ़ी तहरीर है/6/
तुलसी की चौपाई मीरा के भजन
दिलबरी की खुशनुमा तकरीर है/7/
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