1212 1122 1212 22
न रह गया है जी अहसास के लिए कोई
हैं धड़कनें भी बची खास के लिए कोई/1/
हर एक सांस को जद्दोजहद रही है बस
नही है ख्वाब मिडिल क्लास के लिए कोई/2/
भला किसी से भी उम्मीद कोई कैसे करे
कि कुछ तो वज्ह मिले आस के लिए कोई/3/
उठाते हाथ लरजता हूँ मैं दुआओं में
उठे न पहले तो अरदास के लिए कोई/4/
कोई न रंज न अफसोस है जरा उसको
कि मर रहा है यहाँ सांस के लिए कोई/5/
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