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अब दिल में कोई शौक कोई चाह नही है
बस जी रहे हैं जिंदगी परवाह नही है/1/
अरसा हुआ है खुल के नही मुस्कुराए हम
अश्कों के बरसने की कोई थाह नही है/2/
जिंदा हैं मगर जिंदगी है हमसे नदारद
इससे बड़ी मुश्किल की कोई राह नही है/3/
सामान तो सौ वर्ष के कर डाले इकट्ठे
पर अगले ही पल से कोई आगाह नही है/4/
रुक तो नही सकता है अंधेरा ये हमेशा
सच बात है सौ फीसदी अफवाह नही है/5/
जिनके भरे हैं पेट वही शोर मचाते
बेबस की जुबां पर कोई भी आह नही है/6/
नफरत से नही प्यार से जीतेंगे जहां हम
है भिन्न नजरिया कोई गुमराह नही है/7/
जंजीर से अपने जिसे हो जाए मुहब्बत
उससे बड़ा नादां कोई वल्लाह नही है/8/
हर दास्ताँ में मेरे वो किरदार मिला है
दो चार कदम साथ था हमराह नही है/9/
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