212 212 212 212
बाद तेरे कभी मुस्कुराए नही
खुशियों के फिर कोई गीत गाए नही/1/
वादे करना उन्हे खेल जैसा लगा
राह तकते रहे हम वो आए नही/2/
आस उम्मीद सारी धरी रह गयी
रह गये रूठे हम वो मनाए नही/3/
यूँ तो कुछ भी न बदला तेरे बाद पर
एक तुझको ही हम याद आए नही/4/
कुछ तो होंगीं यकीनन ही मजबूरियाँ
शौक से कोई आंसू बहाए नही/5/
लौट आओ किसी फिर बहाने से तुम
जश्न मुद्दत से हम भी मनाए नही/6/
गम हो चाहे खुशी बेतहाशा न हो
हद से ज्यादा कभी कुछ भी भाए नही/7/
फिर पनपने लगे बीज उम्मीद के
खुद उगी खरपतें हम उगाए नही/8/
चल रही आजकल खुद से अनबन जरा
जिंदगी से कहो आजमाए नही/9/
मुश्किलें हैं खड़ी कब से दहलीज पर
आने कह दो उन्हें हिचकिचाए नही/10/
कितना आसान था खुद को खोना मगर
मुद्दतें हो गयी खुद को पाए नही/11/
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