Wednesday, 18 August 2021

अर्जी सुनी है उनकी रजा मेरे नाम की

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अर्जी  सुनी  है  उनकी   रज़ा   मेरे  नाम की
आने  लगी  है  छन  के  दुआ  मेरे   नाम की/1/

शायद  उन्हें भी  इश्क का कुछ हो गया गुमाँ
उनको   कहाँ  थी  कद्र   भला  मेरे  नाम की/2/

अपनी  भी  हैसियत  में  इज़ाफा  जरा हुआ
बिखरी  हुई  है   खुश्बू   सबा   मेरे  नाम की/3/

तोहमत  किसी  पे  यूंँ  ही लगाना फिजूल है
आकर के  कुछ  खता  तो बता मेरे नाम की/4/

उल्फत  में  मेरी  हो  न  यकीं  तो तू देख ले
तुझ मे  दमक  रही है  ज़िया   मेरे  नाम की/5/

नफरत की बस्तियों से  ही गुजरा हुआ हुँ मै
सदके  में  मालोजर  तो  लुटा  मेरे  नाम की/6/

दिल का सुकून उनसे है कुरबत की आस है
इतनी   इनायतें   हो   खुदा    मेरे   नाम की/7/

रज़ा - इच्छा, मर्ज़ी
सबा - सुबह की हवा
ज़िया - आभा ;कांति
कुरबत - नजदीकी

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