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अर्जी सुनी है उनकी रज़ा मेरे नाम की
आने लगी है छन के दुआ मेरे नाम की/1/
शायद उन्हें भी इश्क का कुछ हो गया गुमाँ
उनको कहाँ थी कद्र भला मेरे नाम की/2/
अपनी भी हैसियत में इज़ाफा जरा हुआ
बिखरी हुई है खुश्बू सबा मेरे नाम की/3/
तोहमत किसी पे यूंँ ही लगाना फिजूल है
आकर के कुछ खता तो बता मेरे नाम की/4/
उल्फत में मेरी हो न यकीं तो तू देख ले
तुझ मे दमक रही है ज़िया मेरे नाम की/5/
नफरत की बस्तियों से ही गुजरा हुआ हुँ मै
सदके में मालोजर तो लुटा मेरे नाम की/6/
दिल का सुकून उनसे है कुरबत की आस है
इतनी इनायतें हो खुदा मेरे नाम की/7/
रज़ा - इच्छा, मर्ज़ी
सबा - सुबह की हवा
ज़िया - आभा ;कांति
कुरबत - नजदीकी
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