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मुर्दों की सांस लेने की ख्वाहिश तो देखिये
जीने की छटपटाहटें वर्ज़िश तो देखिये/1/
मर्ज़ी चली न कुछ भी ये धड़कन के चलने तक
अब चीखने की जोर से कोशिश तो देखिये/2/
वादों तसल्लियों से ही बस पेट भर दिया
भूखों यतीम से हुई साजिश तो देखिये/3/
कागज पे राहतों के हैं अंबार बे शुमार
फाकाकशी की रोज़ नुमाइश तो देखिये/4/
नोचा गया है जिस्म फिर शिद्दत से शौक से
पसली के वास्ते ये नवाजिश तो देखिये/5/
बर्दाश्त कर सके नही इक दूसरे को ये
खुशियों की जिंदगी से ये रंजिश तो देखिये/6/
चेहरा उधार का है ये किरदार उधार का
माटी की बदहवासियाँ शोरिश तो देखिये /7/
वर्ज़िश - कसरत
नवाजिश - दयालूता
शोरिश - भ्रम कोलाहल हंगामा
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