212 1212 1212 1212
उम्र भर के वास्ते वो इंतजाम कर गया
रंजो गम की फेहरिस्त मेरे नाम कर गया/1/
हिचकिचा रहे थे जो अभी तलक निकलने से
आंसूओ की धार को वो बेलगाम कर गया/2/
जिस्म की जरूरतों ने दर ब दर किया बहुत
आज घर की मुफलिसी को वक़्त आम कर गया/3/
चेप ली बनावटी हंसी जरा सी चेहरे पर
ये उदासियाँ छिपाने खूब काम कर गया/4/
ढापने को तन न जीते जी मिली उसे कबा
मिल गया कफ़न जो आखिरी सलाम कर गया/5/
मर गयी उसूलों के ही चौखटों पे ख्वाहिशें
जाग जब उठा जमीर मन को थाम कर गया/6/
यूँ तो दर्द ने दिया है दर्द बे हिसाब ही
पर बदल दी जिंदगी ये खूब काम कर गया/7/
दाने की तलाश में जो सुब्ह घर से निकला था
वो परिंदा लौटने में देख शाम कर गया/8/
सूरतें बदलने से न शीरतें बदलती हैं
जाते जाते इक मलंग ये पयाम कर गया/9/
थी उम्मीद कुछ सहल की मुल्क को निजाम से
मुश्किलें ही मुश्किलें खड़ी निजाम कर गया/10/
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