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रिश्ता था दिल का दिल से निभाया नही गया
अहसास हमसे खुल के जताया नही गया/1/
आते रहे खयाल में अक्सर ही मेहरबाँ
पर असलियत में उनसे ही आया नही गया/2/
दिल में है उनके क्या ये तो जाने वो ही मगर
हमसे कभी वो शख्स भुलाया नही गया/3/
ता जिंदगी ही जिन पे किये जां निसार हम
हालत पे उनसे आंसू बहाया नही गया/4/
हम रूबरू न हों कभी उनकी रजा रही
इक दिन भी हमसे चेहरा छिपाया नही गया/5/
करता है चर्चे ले के मजे वहशतों के वो
हमसे तो राज उनका सुनाया नही गया/6/
नाराजगी न दूर हुई मौत बाद भी
दो फूल कब्र पर भी चढ़ाया नही गया/7/
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