2122 2122 2122 212
कोई मजहब तो कोई बस जात तकता रह गया
इक परिंदा हैरां सा हालात तकता रह गया/1/
उल्टे सीधे से फकत लमहात तकता रह गया
लोगों के बदले हुए जज्बात तकता रह गया/2/
चल रही है कुछ हवा ही इस तरह की मुल्क में
सीधा साधा बंदा बस हैहात तकता रह गया/3/
है सलामत पांव फिर भी है अपाहिज जहन से
रहनुमाई और बस हज़रात तकता रह गया/4/
चंद खुशियाँ लेने खातिर जब गया बाजार तक
आसमाँ पर चांद था औकात तकता रह गया/5/
ये अंधेरे जाने कब तक यूँ ही मंडराते रहेंगे
दिल उजालो की डगर दिन रात तकता रह गया/6/
अब नही मिलना है तुझसे दिल सदा कहता रहा
वस्ल की ख्वाहिश लिए बरसात तकता रह गया /7/
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