2122 2122 2122 212
पहले राशन फिर वो बर्तन फिर वो जेवर पी गया
प्यास थी तगड़ी हुआ जो भी मयस्सर पी गया/1/
क्या गजब की है खुमारी क्या गजब का है जुनून
मयकदा मदमस्त हो बस्ती का हर घर पी गया /2/
भूख से व्याकुल बिलखते नौनिहालों की व्यथा
घोल कर फिर जाम में इक घूंट सर सर पी गया/3/
पाल रक्खा है बहुत ही खूब लत ये आदमी
अब तरसता कतरा कतरा जो समंदर पी गया/4/
कोई शिकवा या गिला उसको मुकद्दर से नही
वो नशे में घोल कर हर एक नश्तर पी गया/5/
हाँ गरीबी भूख बेकारी की हालत है तो है
वो जमाने के सभी दुख दर्द महशर पी गया/6/
आबरू इज्जत भला क्या चीज़ है सब छोड़िए
मान और सम्मान के वो सारे चक्कर पी गया /7/
इस तरक्की वास्ते क्या क्या चुकाया मोल है
जब बुझी न प्यास बीवी बच्चे छप्पर पी गया/8/
गांव छूटा खेत छूटा यार रिश्ते नाते सब
बावरा मदमस्त हो कर अपना तेवर पी गया /9/
एक अर्से तक मुझे जो खा रही थी बात इक
तंग फिर आकर मैं आखिर बात भीतर पी गया/10/
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