Wednesday, 18 August 2021

क्यूँ भला या बुरा यूँ किसी को कहो

212 212 212 212 
क्यूँ  भला   या  बुरा   यूँ  किसी  को कहो
दिल की बातें  न खुल कर  सभी को कहो/1/

मुश्किलें    आएंगी  और   चली   जाएंगी
ये   मुनासिब  नही   कुछ  बदी  को कहो/2/

मुस्कुरा कर  मिलेंगे     हर इक  मोड़ पर
दिल्लगी   ना   करे    जिंदगी   को  कहो/3/

क्या  भला   नफरतों  से   हुआ  फायदा
अलविदा   अब  जरा   दुश्मनी को कहो/4/

फूल   खुशबू    धनक   चांदनी  रागिनी
जुल्फ  अंगड़ाईयाँ   कमसिनी  को कहो/5/

चांद तारों   से  अब  लौट   आओ जरा
मसअलों  पर  कभी   दो घड़ी को कहो/6/

ताक  पर   ही   तकाजे  कभी  से खड़े 
छोड़  दो  अब   तमन्नाएँ   जी को कहो/7/

मन  के  हारे  हुए     जीत  सकते  नही
वज्ह  चाहे  कोई  भी  कमी  को  कहो/8/

थोड़ी   दुश्वारियांँ    बेबसी    हैं  तो  हैं 
जिम्मेदार इसका मत जिंदगी को कहो/9/

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