1222 1222 122
बहुत बेचैन सा रहता है कोई
किसी को फर्क़ क्या पड़ता है कोई/1/
हैं अपने आप में मशरूफ दुनिया
किसी की फिक्र कब करता है कोई/2/
पहन रक्खा है चेहरे पर हँसी बस
कहाँ अब दिल से ही हँसता है कोई/3/
है सब जीने की ही जद्दोजहद में
तसल्ली से कहाँ रहता है कोई/4/
गुजर ही जाएगा मुश्किल समय ये
भला कब देर तक टिकता है कोई/5/
भरोसा कांच के जैसा रहा है
पता चलता है जब चुभता है कोई/6/
लगी है आग दर दर में शहर में
हवा पर दोष ना लगता है कोई/7/
कई अनचाहे बन जाते हैं रिश्ते
समय ही नाम दे सकता है कोई/8/
मुसलसल हादसा भी है जरूरी
बहुत कुछ इनसे भी सिखता है कोई/9/
कभी इसको तो उसको कोसता है
समय के साथ कब चलता है कोई/10/
दुआएँ बांध देती है गिरह में
सिवा ये माँ के कब करता है कोई/11/
No comments:
Post a Comment