212 212 212 212
हर सुदी देख ली हर बदी देख ली
जो न देखा सुना वो घड़ी देख ली/1/
बस नजरिया किताबों में लिक्खा मिला
बात हमने मगर अनकही देख ली/2/
हर कदम पर परेशां रही जिंदगी
हर कदम मुश्किलों से घिरी देख ली/3/
छू न पाती हैं अब आसमाँ को कभी
जिंदगी रोटियों तक थमी देख ली/4/
हो गया इत्तेफ़ाकन जो अच्छा हुआ
असलियत इस बहाने सही देख ली/5/
हर तमन्ना हर इक आरज़ू बेबसी
कहकहों में दबी जिंदगी देख ली/6/
देख डाले सभी धूप भी छांव भी
आंसूओ में नहायी खुशी देख ली/7/
फूल खुशबू शफ़क़ तारे जुगनू धनक
बाद बारिश के रंगत खिली देख ली/8/
फिर बरस कर उन्हें खूब हल्का लगा
मन भरे मेघों की बेबसी देख ली/9/
एक सिक्के में लाखों दुआ दे गया
इक कलंदर की सौदागरी देख ली/10/
अनकही अनसुनी बात पे जोर है
मसअलों की यहाँ बानगी देख ली/11/
दिल बहुत खुश है अब देखकर फुरसतें
जीस्त जद्दोजहद से भरी देख ली/12/
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